बैतूल में तेज़ ठंड और कड़ाके की ठंड से तापमान तक 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। जिले के कई इलाकों में पेड़ों, पौधों और झाड़ियों पर ओस की बूंदें जम गईं और लोग सुबह‑सुबह सर्दी से ठिठुरते नजर आए। मजदूर और ग्रामीण अपनी रोज़मर्रा की गतिविधियों के लिए संघर्ष कर रहे हैं; कई जगहों पर मजदूर बैलगाड़ी पर आग जला कर ठंड से बचने की कोशिश करते दिखाई दिए।
ठंड की वजह से सुबह‑सुबह स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम रही, जबकि सड़कों पर सड़कों पर निकलने वाले लोगों ने गरम कपड़े और अलाव की मदद से खुद को ठंड से बचाया। स्थानीय प्रशासन ने बुज़ुर्गों, बच्चों और असहाय लोगों के लिए ठंड में सुरक्षा उपायों और सहायता केंद्रों की स्थापना की घोषणा की है। इसके अलावा, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ठंड की हालत बने रहने के अनुमान दिए हैं, जो कि स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
जमी हुई ओस और ठंड की वजह से कृषि गतिविधियाँ भी प्रभावित हो सकती हैं, क्योंकि किसानों के लिए यह मौसम खेती‑बाड़ी में परेशानी पैदा कर रहा है। प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर अलाव और आश्रय केंद्र स्थापित करने का भी फैसला लिया है ताकि ठंड से प्रभावित लोग राहत प्राप्त कर सकें।
