बैतूल जिले के लोईया कस्बे में आयोजित होने वाले हिन्दू सम्मेलन के लिए लगाए गए केसरिया झंडों को हटाकर जलाने के आरोप में दो आरोपियों — तौफ़ीक और मुशर्रफ — को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह कार्रवाई जमकर की जांच और CCTV फुटेज के आधार पर की, जिसमें दोनों व्यक्तियों को चिन्हित किया गया।
घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और RSS कार्यकर्ताओं सहित अन्य समुदायों ने विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति को काबू में करने के लिए भारी सुरक्षा और जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय नयाय संहिता की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया है।
बैतूल SP, वीरेंद्र जैन का कहना है कि पुलिस क्षेत्र में कानून‑व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से तत्पर है और कोई भी गतिविधि जो सामाजिक सद्भाव को प्रभावित करती है, उसके प्रति सख्ती से निपटा जाएगा। आयोजक समिति का कहना है कि यह धार्मिक आयोजन 18 जनवरी को आयोजित होगा और यह प्रोग्राम पर किसी प्रकार की बाधा नहीं डाला जाएगा।
पुलिस ने आसपास के सभी संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। प्रशासन ने यह भी कहा कि इस मामले की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाई जाएगी।
