बैतूल जिले के कृषि‑प्रधान इलाकों में रबी सीजन के दौरान सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाये रखने के लिए जिला कलेक्टर श्री नरेन्द्र सूर्यवंशी ने आदेश दिए हैं कि सिंचाई इन्फ्रास्ट्रक्चर सुचारू रूप से कार्य करे और किसानों को पानी की कोई कमी न हो। यह दिशा निर्देश खासकर उन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है जो रबी फसल जैसे गेहूँ, चना, सरसों आदि की पैदावार करते हैं।
आज्ञा के अनुसार, जल संसाधन विभाग और स्थानीय जल प्रबंधन एजेंसियों को खेतों तक पानी पहुँचाने और बिजली आपूर्ति सम्बन्धी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। कलेक्टर ने कहा कि रबी फसल की गुणवत्ता और पैदावार सीधे तौर पर सिंचाई की उपलब्धता पर निर्भर करती है, इसलिए जिला प्रशासन इस दिशा में कटिबद्ध है कि किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
किसानों का कहना है कि पिछली बार सिंचाई में असंतुलन के कारण उनके उत्पादन पर असर पड़ा था, लेकिन इस बार प्रशासन की सतर्कता ने उन्हें राहत दी है। स्थानीय कृषि विशेषज्ञ और सरकारी अफसर मिलकर सिंचाई के समय‑समय पर रेखांकन कर रहे हैं ताकि किसान अपने खेतों में पानी की उचित व्यवस्था कर सकें और उत्पादन के स्तर में वृद्धि हो सके।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि बिजली कटौती के समय कृषि पंपों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे किसानों को पानी की आपूर्ति में बाधा न आये। इसके अलावा, जल प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत जल भंडारण तालाब, नहर और अन्य संरचनाओं की मरम्मत और रख‑रखाव कार्य भी तेजी से किये जा रहे हैं।
किसानों के लिए यह कदम अत्यंत सकारात्मक माना जा रहा है क्योंकि रबी सीजन में सिंचाई सुविधा की उपलब्धता उनकी आय और फसल की गुणवत्ता दोनों को प्रभावित करती है। स्थानीय कृषक संगठनों ने प्रशासकीय निर्णय की सराहना की है और कहा है कि इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि का मार्ग खुलेगा और किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा।
इससे यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि बेहतर सिंचाई व्यवस्था से खेतों में किसानों का मनोबल भी बढ़ेगा और कृषि को लाभ‑प्रद व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाया जा सकेगा।
