मुलताई शहर के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी घोषणा हाल ही में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की है। मुख्यमंत्री ने यहां कहा कि मुलताई का नाम अब से आधिकारिक तौर पर ‘मूलतापी’ होगा। इस घोषणा के साथ ही उन्होंने शहर में बनने वाले नए मेडिकल कॉलेज का भूमि पूजन भी किया, जिससे न केवल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सुधार की उम्मीदें बढ़ीं, बल्कि शहर की पहचान और सांस्कृतिक महत्व को भी नया स्वरूप मिलेगा। इस कदम को प्रशासन और नागरिकों ने ऐतिहासिक माना है, क्योंकि यह नाम परिवर्तन शहर के गौरव और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भूमि पूजन के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करेगा, बल्कि यहां के युवाओं के लिए रोजगार और उच्च शिक्षा के अवसर भी बढ़ाएगा। उन्होंने बताया कि कॉलेज में आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे छात्रों को वास्तविक अनुभव के साथ शिक्षा मिल सकेगी। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और नागरिकों से शहर के विकास के लिए सहयोग करने का भी आग्रह किया।
नाम परिवर्तन के पीछे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कारण भी हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि ‘मूलतापी’ नाम से शहर की पुरानी और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह नाम शहर की समृद्ध परंपरा और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि यह परिवर्तन उनकी सांस्कृतिक धरोहर को नई दिशा देगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए गर्व का विषय बनेगा।
घटनास्थल पर भारी संख्या में लोग, स्थानीय नेता और अधिकारी उपस्थित थे। भूमि पूजन के दौरान उन्होंने नए मेडिकल कॉलेज के लिए शुभकामनाएं दीं और इसके निर्माण की प्रक्रिया को जल्द शुरू करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस परियोजना में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और इसे समय पर पूरा किया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए अन्य योजनाओं का भी संकेत दिया।
इस घोषणा और भूमि पूजन से मुलताई शहर में उत्साह का माहौल बन गया है। स्थानीय नागरिकों ने शहर के विकास और मेडिकल कॉलेज के निर्माण को भविष्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। नाम परिवर्तन से शहर की पहचान नई ऊँचाई पर पहुंचेगी और मेडिकल कॉलेज के माध्यम से शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल शहर की अर्थव्यवस्था, रोजगार और सामाजिक संरचना को भी मजबूती देगी और मूलतापी को आने वाले वर्षों में एक प्रमुख शैक्षिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
